जाने आपके जिलें से किसने किया हैं IAS टॉप, देखें बिहार के IAS टॉपर्स की लिस्ट

ias exam

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट कल शाम जारी कर दिया गया जिसमें बिहार के बहुत सारे अभियार्थियों को सफलता मिली हैं. इसमें दरभंगा के उत्सव कौशल ने टॉप 20 में जगह बनायी है. कौशल को 14th रैंक मिला है. उन्होंने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में हशील की. उनके पिता सीएम साइंस कॉलेज के अंगरेजी के प्राध्यापक है. वहीं सारण के मढ़ौरा के अवारी गांव के सोमेश उपाध्याय ने 34वां रैंक हासिल किया है.

दरभंगा के प्रसिद्ध चिकित्सक व पदमश्री डॉ मोहन मिश्रा की नतिनी सौम्या झा ने पहले प्रयास में ही 58वां रैंक प्राप्त किया है. उनके पिता संजय कुमार झा आइपीएस अधिकारी, जबकि मां डॉ मातंगी झा चिकित्सक हैं. सौम्या मूल रूप से मधुबनी जिले के डुमरा गांव की रहनेवाली हैं. उन्होंने डीएवी,पटना से 10वीं की परीक्षा पास की. डीपीएस, दिल्ली से इंटर पास करने के बाद वह मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई 2016 में पूरी की.

मधुबनी के मूल निवासी नीरज कुमार झा को 109वां रैंक मिला है. उनकी फैमिली फिलहाल धनबाद में रहती है. नीरज के पिता दामोदर वैली कार्पोरेशन में कार्यरत हैं. दरभंगा के सुमित कुमार झा ने 111वां रैंक हासिल किया है. आइआइटी, रूड़की से बीटेक सुमित को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली.

पटना के सन्नी राज को 132वां रैंक मिला है. उनका यह चौथा प्रयास था. एनआइटी जमशेदपुर से बीटेक पिछले साथ उन्हें आइआरएस मिला था. गया के प्रभात रंजन पाठक ने 137वां रैंक हासिल किया है. उनका यह मेरा पहला ही प्रयास था. भोजपुर के बड़हरा प्रखंड के सबलपुर गांव के नितेश पांडेय ने 141वां रैंक हासिल किया है. आइआइटी, चेन्नई से इलेक्ट्रिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई करनेवाले नितेश के पिता श्रीमत पांडेय भी आइएएस अधिकारी हैं.

सहरसा के चैनपुर के सत्यम ठाकुर ने 218वां रैंक लाया है. यह उनका चौथा प्रयास था. भागलपुर के कहलगांव एनटीपीसी में कार्यरत मानस वाजपेयी को 456वां रैंक हासिल हुआ है. वह मूल रूप से यूपी के रायबरेली के रहने वाले हैं. वर्तमान में वह कहलगाव एनटीपीसी में ऑपरेशन विभाग मे डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं.

हाजीपुर के स्थानीय राजनरायण कॉलेज के प्राचार्य डॉ ओमप्रकाश राय के पुत्र ओंकार ने 458 वां रैंक हालिस किया है. वहीं, वैशाली जिले के सराय थाने के शेम्भोपुर गांव लालकोठी के कुंदन कुमार को 553 वां रैंक मिला है.

इससे पहले कुंदन भारतीय वन सेवा (आइएफएस) की परीक्षा में पूरे देश में 9वां स्थान लाकर बिहार टॉपर बने थे.वहीं, बरबीघा के अभिषेक कुमार को 773वां रैंक मिला है. पिछले साल उन्हें 1028वां रैंक मिला था. बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र के विनोद कुमार ने 819 हासिल किया है. वर्तमान में वह बेंगलुरु में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड के कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं. वहीं बौंसी के कुशमाहा निवासी बमबम यादव ने 949वां लाया है. बमबम वर्तमान में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया इलाहाबाद में जूनियर ट्रांसलेटर के पद पर कार्यरत हैं.

नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखण्ड मुख्यालय निवासी अरविन्द कुमार एवं यशोदा देवी के बेटे निरंजन कुमार ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता पायी है. निरंजन के पिता मूलत: वारिसलीगंज के रहने वाले हैं और वर्षों से पकरीबरावां में रह रहे हैं. वे पकरीबरावां बाजार में खैनी की एक छोटी दुकान चलाते हैं। निरंजन को आईएफएस में 73वां रैंक एवं आईएएस में 728वां रैंक मिला है.

बांका जिले के एक किराना दुकानदार के बेटे ने यूपीएससी परीक्षा में 819वां रैंक हासिल कर पिता और जिले का नाम रोशन किया है. बांका जिले के एक किराना दुकानदार के बेटे ने यूपीएससी परीक्षा में 819वां रैंक लाकर न सिर्फ अपने पिता का नाम ऊंचा किया है बल्कि बांका जिले का नाम भी रोशन किया है। बौंसी के बाबुडीह निवासी किराना दुकानदार अशोक कुमार एवं गृहिणी रेणु देवी के बेटे विनोद कुमार ने यूपीएससी परीक्षा 2016 में इस उपलब्धि को प्राप्त किया है। वर्तमान समय में विनोद बेंगलुरु में सहायक कमिश्नर(पीएफ) के पद पर कार्यरत हैं। विनोद की इस उपलब्धि पर बांका और बौंसी वासियों में खुशी की लहर है.

भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड के सबलपुर निवासी आईएएस श्रीमत पांडेय के पुत्र नीतेश पांडेय ने यूपीएससी की परीक्षा में 141वाँ रैंक लाकर अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए जिले का भी मान बढ़ाया है. नीतेश चेन्नई आईआईटी से इलेक्ट्रिकल के छात्र रहे हैं । बुधवार की शाम जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ, उनकी सफलता पर परिजनों समेत इलाके के लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी। नीतेश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने आईएएस पिता श्रीमत पांडेय व अपनी माँ डॉ करुणा पांडेय को देते हैं.

मोतिहारी के लिपिक को 1094 वां रैंक मिला है. सामान्य परिवार के अजीत कुमार ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है. उन्हें 1094 वां रैंक मिला है. वे अभी मोतिहारी स्थित उप कृषि निदेशक के कार्यालय में लिपिक हैं. जिले के गोविंदगंज के सरेया महुआवा निवासी स्व. रघुनाथ प्रसाद व कांति देवी के पुत्र अजीत कुमार की सफलता से जश्न का माहौल है. अजीत के पिता रघुनाथ प्रखंड कृषि पदाधिकारी थे.

मुंगेर जिले के तारापुर अंतर्गत टेटिया बम्बर गांव निवासी केंद्रीय विद्यालय दीप्तिनगर कहलगांव के शिक्षक संजीव कुमार सिंह के ज्येष्ठ पुत्र कुमार संभव ने प्रथम प्रयास में ही सिविल सेवा की परीक्षा में 714 वां रैंक हासिल किया है.

समस्तीपुर जिले के श्रीकृष्णापुरी मोहल्ला निवासी प्रेरणा दीक्षित ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएसएसी की परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उन्हें ऑल इंडिया में 57वां रैंक मिला है। समस्तीपुर में पली-बढ़ीं प्रेरणा ने दसवीं की परीक्षा समस्तीपुर से ही पास की थीं। 12वीं उन्होंने पटना सेंट्रल स्कूल से किया। इसके बाद वेल्लोर से बायोटेक की पढ़ाई की। इसके बाद एनआइटी राउरकेला से एमटेक की डिग्री लीं.

Related News

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*