यह धरती सिर्फ हमारे-आपके पिताजी की नहीं है

क्या धरती ने अपनी मरहम पट्टी खुद ही शुरू कर दी है। कोरोना वायरस का संदेश क्या है। ओडीशा के तटों पर इस बार अंडे देने के लिए सात लाख नब्बे हजार के लगभग ओलिव रिडले कछुए पहुंचे हैं। इन्होंने गहिरमाथा और रूसीकुल्य में छह करोड़ से ज्यादा अंडे दिए हैं।
कोरोना वायरस के चलते मछुआरों और टूरिस्टों की गतिविधि ठप पड़ी है। माना जा रहा है कि इसी के चलते इतनी बड़ी संख्या में इस बार कछुए पहुंच सके हैं। अगर इंसानों की गतिविधियां सीमित नहीं होती तो इनमें से बहुत सारे रास्ते में ही मारे जाते या फिर अन्य बाधाओं के चलते पहुंच ही नहीं पाते।

 
(तस्वीर इंटरनेट से साभार)
Source:Social media

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